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चुनाव याचिका के लिए इंटरनेट से डाउनलोड किए वीडियो काफी नहीं: मद्रास उच्च न्यायालय
न्यायाधीश जी.के. इलंथिरैयन ने कहा कि निर्वाचित प्रत्याशी के भ्रष्ट आचरण का आरोप साबित करने के लिए स्वतंत्र दस्तावेजी साक्ष्य भी आवश्यक है।
LSN India ·

मद्रास उच्च न्यायालय ने चुनाव संबंधी याचिकाओं दाखिल करने के मामले में महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। न्यायाधीश जी.के. इलंथिरैयन की अगुवाई वाली पीठ ने स्पष्ट किया है कि केवल इंटरनेट से डाउनलोड किए गए वीडियो या अन्य डिजिटल सामग्री के आधार पर ही चुनाव याचिका दाखिल नहीं की जा सकती।
न्यायालय ने कहा कि किसी निर्वाचित प्रत्याशी के विरुद्ध भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाने के लिए वीडियो साक्ष्य के साथ-साथ स्वतंत्र दस्तावेजी सामग्री भी प्रस्तुत करनी अनिवार्य है। यह निर्णय चुनाव संबंधी विवादों में साक्ष्य के मानकों को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
न्यायाधीश ने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में यद्यपि ऑनलाइन सामग्री आसानी से उपलब्ध है, किंतु चुनाव याचिकाओं की गंभीरता को देखते हुए केवल इस पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। विश्वसनीय और प्रामाणिक साक्ष्य प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी याचिकाकर्ता की होती है।
यह निर्णय ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक कठोर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यायालय का यह रुख यह सुनिश्चित करता है कि अनुचित और आधारहीन चुनाव याचिकाएं दाखिल होने से रोकी जा सकें।