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विजय माल्या कभी धोखेबाज नहीं थे, सरकारी मदद चाहिए थी: संजय राउत
शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने अपनी नई किताब में विजय माल्या के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों को चुनौती दी है। राउत का मानना है कि भारतीय व्यवसायी को सरकारी राहत की जरूरत थी, न कि कानूनी कार्रवाई की।
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शिवसेना के प्रमुख राजनीतिक विचारक संजय राउत ने एक नई किताब में विजय माल्या को लेकर विवादास्पद विचार व्यक्त किए हैं। राउत के अनुसार, माल्या पर लगाए गए धोखाधड़ी के आरोप उचित नहीं हैं और उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए थी। किताब में राउत ने भारतीय व्यवसायी की परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए यह तर्क दिया है। विजय माल्या किंगफिशर एयरलाइंस के संस्थापक हैं, जो कई वर्षों से कर्ज और नियामक मुद्दों का सामना कर रहे हैं। माल्या विभिन्न बैंकों से बड़ी रकम उधार लेने के मामले में घिरे हैं। राउत की किताब में इस मामले पर सरकारी नीति और कॉर्पोरेट क्षेत्र की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई है। राउत के विचार व्यवसायिक विफलता और सरकारी हस्तक्षेप की नीति को लेकर एक भिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।