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विजयवाड़ा रेलवे डिवीजन ने सौर ऊर्जा से बचाए 1.85 करोड़ रुपये
दक्षिण कोस्टल रेलवे के विजयवाड़ा डिवीजन ने 4,864 किलोवाट की क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र के माध्यम से वर्तमान वित्तीय वर्ष में हरित ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि की है। अप्रैल से जुलाई के बीच डिवीजन ने 19.90 लाख यूनिट विद्युत उत्पन्न कर 1.85 करोड़ रुपये की बचत की है।
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दक्षिण कोस्टल रेलवे (एससीओआर) के विजयवाड़ा डिवीजन ने अपने हरित ऊर्जा कार्यक्रम को मजबूत करते हुए 4,864 किलोवाट पीक (केडब्ल्यूपी) क्षमता वाला एक बड़े पैमाने का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है। यह कदम रेलवे विभाग की पर्यावरण सुरक्षा और ऊर्जा संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विजयवाड़ा डिवीजन के अधिकारियों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अप्रैल से जुलाई तक की अवधि में इस सौर संयंत्र ने 19.90 लाख यूनिट विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया है। इस उत्पादन से डिवीजन को परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता को कम करने में सहायता मिली है।
डिविजनल रेलवे मैनेजर के अनुसार, इस सौर ऊर्जा संयंत्र के माध्यम से डिवीजन ने कुल 1.85 करोड़ रुपये की आर्थिक बचत की है। यह बचत बिजली खरीद की लागत में सीधी कमी लाती है और रेलवे की परिचालन दक्षता को बढ़ाती है।
यह परियोजना न केवल रेलवे के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी है बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विजयवाड़ा डिवीजन ने भारतीय रेलवे की राष्ट्रीय ऊर्जा नीति के अनुरूप हरित प्रौद्योगिकी को अपनाकर एक मिसाल कायम की है।