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विजयवाड़ा में देवी कनक दुर्गा के तेप्पोत्सव से दशहरे का पर्व समाप्त
विजयवाड़ा के कनक दुर्गा मंदिर में भव्य तेप्पोत्सव आयोजित किया गया, जिसके साथ दशहरे की दस दिवसीय उत्सव परंपरा का समापन हुआ। इस पारंपरिक जल-यात्रा समारोह में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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विजयवाड़ा स्थित प्रसिद्ध कनक दुर्गा मंदिर में देवी की जल-यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। तेप्पोत्सव, जिसे तेलुगु परंपरा में देवी के जलपथ यात्रा समारोह के रूप में जाना जाता है, दशहरे की पूरी परंपरा को संपन्न करने का महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।
इस वर्षीय समारोह में स्थानीय भक्तों और पर्यटकों की बड़ी संख्या शामिल हुई। देवी की मूर्ति को विशेष रूप से सजाया गया और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जलाशय में ले जाया गया। आरती और भजन-कीर्तन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा का माहौल व्याप्त रहा।
कनक दुर्गा मंदिर आंध्र प्रदेश के सबसे प्राचीन और पूजनीय धार्मिक स्थलों में से एक है। इस मंदिर में दशहरे के समय देवी का विशेष पूजन किया जाता है, जो हिंदू धर्म में बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
तेप्पोत्सव परंपरागत रूप से दशहरे समारोह का समापन करता है और भक्तों के लिए आध्यात्मिक महत्व रखता है। मंदिर प्रशासन ने इस वर्ष भी समारोह को सुरक्षित और संगठित तरीके से संपन्न करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं।