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वायरल संक्रमण पार्किंसन रोग का कारण बन सकते हैं: अध्ययन

हैदराबाद के वैज्ञानिकों के एक नए अध्ययन में पाया गया है कि इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 जैसे वायरल संक्रमण न्यूरोडीजेनरेटिव रोग जैसे पार्किंसन रोग का कारण बन सकते हैं। यह खोज तंत्रिका संबंधी बीमारियों के विकास को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

LSN India · 1 October 2026

वायरल संक्रमण पार्किंसन रोग का कारण बन सकते हैं: अध्ययन

हैदराबाद स्थित सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) के वैज्ञानिकों ने अपने नवीनतम शोध में विभिन्न वायरल संक्रमणों और पार्किंसन रोग के बीच सीधा संबंध स्थापित किया है। अध्ययन से पता चलता है कि इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के कारण होने वाले संक्रमण न्यूरोडीजेनरेटिव रोगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पार्किंसन रोग एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकार है जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और शरीर की गति को नियंत्रित करने की क्षमता को प्रभावित करता है। यह अध्ययन इस बात की ओर इशारा करता है कि कुछ वायरल संक्रमण मस्तिष्क में ऐसी प्रक्रियाओं को ट्रिगर कर सकते हैं जो इस गंभीर बीमारी का कारण बन सकती हैं।

सीसीएमबी के शोध से मिली यह जानकारी चिकित्सा विज्ञान में एक महत्वपूर्ण योगदान है। इस खोज से न केवल पार्किंसन रोग की रोकथाम के नए तरीके विकसित हो सकते हैं, बल्कि वायरल संक्रमणों के संभावित दीर्घकालीन प्रभावों को समझने में भी मदद मिल सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में आगे के अध्ययन से पार्किंसन और अन्य न्यूरोडीजेनरेटिव रोगों के इलाज के नए रास्ते खुल सकते हैं।