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विजाग की बस्ती ने वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाया, 28 साल से टैंकर नहीं
विशाखापत्तनम के जेआर नगर में 2010 से हर भवन में वर्षा जल संचयन गड्ढे लगवाने का नियम लागू किया गया। आज यहां के निवासियों को पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
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विशाखापत्तनम के पुरानी वेंकोजीपालम के पास स्थित जेआर नगर में एक दशक पहले शुरू की गई एक पहल ने इस आवासीय क्षेत्र को जल संकट से मुक्त रखा है। 2010 में यहां के प्रशासन ने प्रत्येक निर्माण में वर्षा जल संचयन पिट लगवाना अनिवार्य कर दिया था। इस निर्णय के बाद से कॉलोनी के निवासियों को कभी भी पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर की आवश्यकता महसूस नहीं हुई।
यह नीति लागू करने के बाद से करीब 28 वर्षों तक इस इलाके में किसी भी प्रकार का जल संकट नहीं देखा गया। भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने में वर्षा जल संचयन की भूमिका महत्वपूर्ण साबित हुई है। इन संचयन गड्ढों के माध्यम से बारिश का पानी जमीन में सीधे प्रवेश करता है, जिससे जलभृत को पुनर्भरण होता है।
जेआर नगर के अनुभव से पता चलता है कि स्थानीय स्तर पर जल प्रबंधन की सुदृढ़ नीति और सामुदायिक सहयोग से जल स्वावलंबन संभव है। यह मॉडल अन्य शहरी आवासीय क्षेत्रों के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकता है जहां जल आपूर्ति की समस्या लगातार बढ़ रही है।
विशाखापत्तनम जैसे तटीय क्षेत्रों में बारिश की अच्छी मात्रा मिलती है, लेकिन सही संरचना और योजना के अभाव में यह पानी व्यर्थ चली जाती है। जेआर नगर की पहल दर्शाती है कि कैसे सुनियोजित वर्षा जल संचयन प्रणाली दीर्घकालीन जल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।