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विशाखापत्तनम में भूजल स्तर एक साल में 3.86 मीटर गिरा
विशाखापत्तनम जिले में भूजल का स्तर तेजी से घट रहा है। जिले के छह गांवों में भूजल 20 मीटर से अधिक गहराई पर पहुंच गया है।
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विशाखापत्तनम जिले में भूजल संकट गहराता जा रहा है। पिछले एक साल में भूजल स्तर में 3.86 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है। जिला भूजल अधिकारी के. पुष्पलता के अनुसार, यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग करती है।
भूजल स्तर में इस तेजी से गिरावट के पीछे कई कारण हैं। राज्य में पिछले वर्ष 47.89 प्रतिशत की वर्षा कमी दर्ज की गई, जिससे भूजल रिचार्ज में बाधा आई। इसके अलावा, भूजल का अत्यधिक दोहन भी एक प्रमुख कारण है। कंक्रीट के विस्तार ने जमीन को सील कर दिया है, जिससे प्राकृतिक जल रिचार्ज प्रक्रिया बाधित हुई है।
जिले में कुल 135 बस्तियों में छह से 20 मीटर की गहराई पर भूजल पाया जा रहा है। इनमें शहरी इलाकों की 39 वार्डें भी शामिल हैं। छह गांवों में तो भूजल स्तर 20 मीटर से भी अधिक गहराई पर चला गया है, जिससे जल निकालना अत्यंत कठिन हो गया है।
अधिकारियों का मानना है कि वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, भूजल के अनियंत्रित दोहन पर नियंत्रण लगाने और कंक्रीट के विस्तार को सीमित करने जैसे उपायों की तत्काल जरूरत है। साथ ही, खेतीबाड़ी और घरेलू उपयोग में जल की बचत भी आवश्यक है ताकि भूजल संकट को नियंत्रित किया जा सके।