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विशाखापत्तनम जासूसी मामले में सेना, नौसेना और DRDO के अधिकारी

भारतीय सशस्त्र बलों में संवेदनशील सूचना साझा करने के आरोपों में एक नया मामला सामने आया है। यह घटना देश में बढ़ती 'हनी-ट्रैप' जासूसी घटनाओं की श्रृंखला में जुड़ गई है।

LSN India · 8 October 2026

विशाखापत्तनम जासूसी मामले में सेना, नौसेना और DRDO के अधिकारी

विशाखापत्तनम में एक नया जासूसी मामला उजागर हुआ है जिसमें नौसेना के नाविक और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के एक वैज्ञानिक शामिल हैं। इस मामले ने सशस्त्र बलों की सुरक्षा और गोपनीय सूचनाओं के संरक्षण को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।

यह घटना दिल्ली में मई में पकड़े गए एक वायु सेना विंग कमांडर के मामले के समान है। उस मामले में वायु सेना का अधिकारी एक प्रवासी भारतीय (PIO) के साथ संवेदनशील रक्षा सूचना और गोपनीय दस्तावेज साझा करने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पेश करती हैं। विदेशी एजेंसियां रक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए 'हनी-ट्रैप' तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं।

भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अपनी निगरानी और जांच को तेज करने के लिए काम कर रही हैं। सशस्त्र बलों को भी अपने कर्मचारियों के लिए सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने की आवश्यकता है।