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फोटोपत्रकारिता से सरकार पर दबाव बनता है: केदारनाथ
वरिष्ठ फोटोपत्रकार बी.एम. केदारनाथ का मानना है कि प्रेस फोटोग्राफी जमीनी हकीकत को उजागर करने और सार्वजनिक मुद्दों पर सरकार को कार्रवाई के लिए बाध्य करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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वरिष्ठ फोटोपत्रकार बी.एम. केदारनाथ ने कहा है कि प्रेस फोटोग्राफी देश में जमीनी वास्तविकताओं को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सटीक और प्रभावी फोटोपत्रकारिता सरकार को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए बाध्य करती है।
केदारनाथ के अनुसार, फोटोग्राफी शब्दों से परे एक सार्वभौमिक भाषा है जो समाज के विभिन्न वर्गों तक सीधे पहुंचती है। दृश्य माध्यम के जरिए पत्रकार जनता के सामने सच्चाई को इस तरह प्रस्तुत करते हैं जो तुरंत समझ आए और प्रभाव डाले।
पत्रकारिता के क्षेत्र में दशकों के अनुभव के साथ केदारनाथ का मानना है कि एक सशक्त तस्वीर हजारों शब्दों से अधिक मुखर होती है। जब सामाजिक समस्याओं की वास्तविक छवि जनता और मीडिया के माध्यम से पूरे देश में प्रसारित होती है, तो सरकार को उन पर तुरंत ध्यान देना पड़ता है।
उन्होंने प्रेस फोटोग्राफी की जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि इस माध्यम का उपयोग सच को सामने लाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए होना चाहिए। सच्ची और निष्पक्ष फोटोपत्रकारिता ही वह औजार है जो सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है।