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विजाग डेटा सेंटर मामले में पर्यावरण मंजूरी अनिवार्य: हाईकोर्ट
गूगल के स्वामित्व वाले डेटा सेंटर को दी गई जमीन और अनुमतियों में अनियमितताओं पर विशाखापत्तनम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने राज्य से जवाब मांगा है और सरकार की स्थिति स्पष्ट करने के लिए अधिवक्ता जनरल को निर्देश दिया है।
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विशाखापत्तनम के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने गूगल के स्वामित्व वाले डेटा सेंटर परियोजना के संदर्भ में पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया की अनिवार्यता पर जोर दिया है। न्यायालय की बेंच ने माना है कि किसी भी बड़ी परियोजना में सही पर्यावरणीय मंजूरी लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मामले में जमीन के हस्तांतरण और परियोजना को दी गई अनुमतियों में कथित अनियमितताओं को लेकर न्यायालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। बेंच ने राज्य सरकार से इन सभी आरोपों पर विस्तृत जवाब देने के लिए कहा है ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
राज्य की कानूनी स्थिति को समझने के लिए न्यायालय ने राज्य के अधिवक्ता जनरल को निर्देश दिया है कि वह सरकार की ओर से आधिकारिक रुख स्पष्ट करें। अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि पर्यावरणीय नियमों का पालन किसी भी परिस्थिति में वैकल्पिक नहीं हो सकता, चाहे परियोजना कितनी भी महत्वपूर्ण क्यों न हो।
यह मामला यह सवाल उठाता है कि बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देते समय नियामक प्रक्रिया को कितनी गंभीरता से लिया जाता है। अदालत के इस रुख से स्पष्ट है कि न्यायपालिका पर्यावरणीय संरक्षण और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन को प्राथमिकता देने के लिए दृढ़ है।