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ज्वालामुखी विस्फोट में बिजली की गतिविधि पहली चमक के 1.1 घंटे बाद चरम पर पहुंचती है

वैज्ञानिकों ने बड़े ज्वालामुखी विस्फोटों के दौरान एक महत्वपूर्ण खोज की है। शोध में पाया गया है कि ज्वालामुखीय बिजली की तीव्रता प्रारंभिक चमक के लगभग 1.1 घंटे बाद अपने शिखर पर पहुंचती है।

LSN India · 14 October 2026

ज्वालामुखी विस्फोट में बिजली की गतिविधि पहली चमक के 1.1 घंटे बाद चरम पर पहुंचती है

नए वैज्ञानिक अध्ययन से ज्वालामुखी विस्फोटों के दौरान विद्युत गतिविधि के पैटर्न में एक महत्वपूर्ण नियमितता सामने आई है। शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रमुख ज्वालामुखीय घटनाओं में बिजली की चमक की घटनाएं एक सुनिश्चित समय अंतराल का पालन करती हैं।

इस अनुसंधान के अनुसार, जब ज्वालामुखी विस्फोट शुरू होता है तो आरंभिक विद्युत निर्वहन तुरंत होता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ज्वालामुखीय बिजली की गतिविधि की तीव्रता इस प्रारंभिक चमक के करीब 1.1 घंटे बाद अपने चरम स्तर पर पहुंचती है।

यह खोज ज्वालामुखी विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण हो सकती है क्योंकि यह विस्फोटों की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रकार की समझ भविष्य में ज्वालामुखी गतिविधि की बेहतर निगरानी और पूर्वानुमान लगाने में सहायक हो सकती है।

विद्युत चुंबकीय संकेतों का अध्ययन भूवैज्ञानिक घटनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर सकता है। यह शोध विश्वव्यापी ज्वालामुखी निगरानी प्रणालियों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।