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दिन के उजाले के लिए छत पर पानी की बोतल, बिजली की बचत का सस्ता तरीका
प्राकृतिक प्रकाश से घरों को रोशन करने का एक सरल और किफायती तरीका जल भरी प्लास्टिक बोतलों को छत पर लगाना है। यह पारंपरिक पद्धति आवासीय इमारतों में बिजली की खपत को कम करने में सहायक साबित हो रही है।
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छत पर रखी जल से भरी सामान्य प्लास्टिक की बोतलें सूर्य के प्रकाश को इकट्ठा कर घर के अंदर तक पहुंचाती हैं। यह विधि अंधेरे कमरों और भीतरी स्थानों में दिन के समय प्राकृतिक रोशनी लाने का एक प्रभावी माध्यम है।
इस तकनीक को 'मोजर लैंप' के नाम से जाना जाता है, जिसका इस्तेमाल करीब दो दशक से भी ज्यादा समय से होता आ रहा है। बोतल में भरा पानी एक लेंस का कार्य करता है और सूर्य के प्रकाश को केंद्रित कर उसे विभिन्न दिशाओं में प्रसारित करता है। यह विधि विशेषकर उन क्षेत्रों में उपयोगी है जहां विद्युत आपूर्ति अनियमित है या बिजली की लागत अधिक है।
इस पद्धति को सही तरीके से लागू करने के लिए बोतल को छत में ऐसे लगाया जाता है कि वह सूर्य के सीधे संपर्क में रहे। बोतल के निचले हिस्से को कमरे के अंदर आने देते हुए ऊपरी हिस्सा बाहर रहता है। यह सरल उपाय बिना किसी अतिरिक्त विद्युत खर्च के पूरे दिन प्राकृतिक प्रकाश प्रदान करता है।
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यह पर्यावरण के अनुकूल समाधान तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सामान्य प्लास्टिक की बोतलें और पानी - दोनों सुलभ सामग्रियां होने के कारण यह विधि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी सुविधाजनक है।