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हरिद्वार: जल संकट से कार्तिक पूर्णिमा स्नान की परंपरा चिंतित

हरिद्वार की हर की पौड़ी में जल स्तर में भारी गिरावट के कारण कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान की व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। भक्तों का एक बड़ा समूह परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान को पूरा करने के लिए पानी खोजने में जुटा है।

LSN India · 26 October 2026

हरिद्वार: जल संकट से कार्तिक पूर्णिमा स्नान की परंपरा चिंतित

हरिद्वार में जल संकट की गंभीर स्थिति कार्तिक पूर्णिमा की धार्मिक परंपरा को चुनौती दे रही है। हर की पौड़ी, जहां वर्षों से लाखों श्रद्धालु इस शुभ अवसर पर पवित्र डुबकी लगाते आए हैं, वहां पानी की कमी के कारण भक्त असमंजस की स्थिति में हैं।

हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का स्नान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिन देशभर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा के घाटों पर आस्था की भावना से आते हैं। हरिद्वार, जो गंगा के तट पर स्थित सबसे पवित्र धार्मिक केंद्रों में से एक है, आमतौर पर इस अवसर पर भीड़ का साक्षी बनता है।

लेकिन इस बार हर की पौड़ी में जल स्तर में अभूतपूर्व गिरावट आई है। परिणामस्वरूप, श्रद्धालुओं को पानी की खोज में घाटों के दूरदराज के इलाकों तक जाना पड़ रहा है। कुछ भक्त पारंपरिक लोटे लेकर विभिन्न स्थानों पर गंगा का पानी ढूंढने में लगे हैं।

यह जल संकट केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि हरिद्वार की सांस्कृतिक परंपरा को भी प्रभावित कर रहा है। स्थानीय प्रशासन और धार्मिक संस्थान इस समस्या के समाधान के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं ताकि कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की परंपरागत धार्मिक यात्रा प्रभावित न हो।