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एल नीनो के असर से वायनाड में मानसून संकट, वर्षा में 37% की कमी

केरल के वायनाड जिले में इस मानसून सीजन में औसत वर्षा में भारी कमी देखी गई है। जून से अगस्त के बीच जिला सामान्य 2,200 मिमी की तुलना में महज 1,391 मिमी वर्षा प्राप्त हुई।

LSN India · 2 September 2026

एल नीनो के असर से वायनाड में मानसून संकट, वर्षा में 37% की कमी

वायनाड जिले में मानसून की विफलता से कृषि और जल संसाधन प्रबंधन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। जून माह से अगस्त के अंत तक तीन महीने की अवधि में जिला सामान्य औसत से 37 प्रतिशत कम वर्षा प्राप्त हुई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मौसम विज्ञान में एल नीनो जैसी वैश्विक घटनाओं का सीधा असर इस क्षेत्र की वर्षा पर पड़ रहा है।

वायनाड में सामान्य परिस्थितियों में मानसून के तीन महीने में 2,200 मिमी वर्षा दर्ज होती है। इस बार जिले में मात्र 1,391 मिमी वर्षा हुई, जो सदियों से चली आ रही औसत से काफी कम है। यह स्थिति क्षेत्र के कृषकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि पर्याप्त वर्षा के अभाव में फसलें प्रभावित हो रही हैं।

परिस्थितियों को और गंभीर बनाता है कि एल नीनो जैसी वैश्विक जलवायु घटनाओं का प्रभाव दक्षिण भारतीय क्षेत्रों में बढ़ रहा है। जलवायु विश्लेषकों के अनुसार, इस प्रवृत्ति के आने वाले महीनों में और भी तेज होने की संभावना है। वायनाड जैसे वर्षा-प्रवण क्षेत्रों में यह घटना असामान्य है और स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।

जल संसाधन विभाग ने जिले के विभिन्न जलाशयों की स्थिति की निगरानी तेज कर दी है। कृषि विभाग किसानों को सलाह दे रहा है कि वे अपनी सिंचाई रणनीति को समायोजित करें। स्थानीय प्रशासन आने वाले सप्ताहों में वर्षा की स्थिति में सुधार की प्रतीक्षा कर रहा है।