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पश्चिम बंगाल के प्रोफेसरों ने विश्वविद्यालय स्थानांतरण विधेयक का विरोध किया
पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने सरकार के अंतर-विश्वविद्यालय स्थानांतरण बिल को शिक्षा पर हमला बताया है। संगठन का कहना है कि मनमाने ढंग से स्थानांतरण से पहले से ही संकट झेल रहे विश्वविद्यालयों को और कमजोर करेगा।
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पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालय प्रशासकों और शिक्षकों ने सरकार के अंतर-विश्वविद्यालय प्रोफेसर स्थानांतरण बिल का मजबूत विरोध किया है। पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डब्ल्यूबीसीयूटीए) ने इस प्रस्तावित कानून को उच्च शिक्षा में संकट पैदा करने वाला कदम बताया है।
संघ के अनुसार, मनमाना स्थानांतरण नीति देश के विश्वविद्यालयों की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करेगी। विशेषकर पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालय पहले से ही प्रोफेसरों की कमी का सामना कर रहे हैं, ऐसे में यह बिल उनके लिए और मुश्किलें खड़ी करेगा। शिक्षकों का तर्क है कि अनुभवी और प्रतिभाशाली प्रोफेसरों के अनावश्यक स्थानांतरण से शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आएगी।
डब्ल्यूबीसीयूटीए ने इस मुद्दे पर राज्यपाल को पत्र भेजने और औपचारिक अपील दायर करने का निर्णय लिया है। राज्यपाल पश्चिम बंगाल के सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भी हैं। संघ का लक्ष्य सरकार से इस प्रस्तावित बिल पर पुनर्विचार करने के लिए कहना है।
शिक्षकों का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी नीतियां बनाने से पहले सभी हितधारकों, विशेषकर शिक्षकों की राय ली जानी चाहिए। वे इस मुद्दे को लेकर आगामी दिनों में और सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं।