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आक्रामक घास को हटाने के बाद तस्मानिया में मछलियों की प्रजातियां दोगुनी हुईं
तस्मानिया के डक बे आर्द्रभूमि में आक्रामक चावल घास को हटाने के प्रयासों से जलीय जीवन में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। तीन वर्षों में मछलियों की प्रजातियों की संख्या पांच से बढ़कर 11 हो गई है।
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तस्मानिया के डक बे आर्द्रभूमि में पर्यावरण संरक्षण के प्रयास सफल साबित हो रहे हैं। सर्कुलर हेड लैंडकेयर संगठन द्वारा लगभग तीन वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद आक्रामक चावल घास को 50 हेक्टेयर से घटाकर मात्र 5 हेक्टेयर तक सीमित किया जा सका है।
घास को हटाने के बाद क्षेत्र में स्थानीय नमक दलदल पौधों की वापसी देखी जा रही है। यह प्राकृतिक पुनर्स्थापन प्रक्रिया आर्द्रभूमि के पूर्ण पुनरुद्धार की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
तस्मानिया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन में चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। पुनर्स्थापित क्षेत्रों में मछलियों की प्रजातियां पांच से बढ़कर ग्यारह हो गई हैं, जिसमें पीली आंखों वाली मल्लेट सहित कई स्थानीय प्रजातियां लौटी हैं।
यह सफलता इको-सिस्टम को बहाल करने के महत्व को प्रदर्शित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संरक्षण प्रयासों से न केवल जलीय जीवन बल्कि समूचे आर्द्रभूमि का स्वास्थ्य सुधारा जा सकता है।