LSN News › India

World · India Bureau

चुनाव आयोग का अतीत: जब ज्योतिषी तय करते थे चुनाव की तारीख

भारतीय चुनाव आयोग आजकल विभिन्न विवादों के केंद्र में है, लेकिन देश के चुनाव इतिहास में एक ऐसा दौर भी था जब चुनाव की तारीखें तकनीकी आधार पर नहीं बल्कि ज्योतिषीय सलाह से तय होती थीं।

LSN India · 30 September 2026

चुनाव आयोग का अतीत: जब ज्योतिषी तय करते थे चुनाव की तारीख

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक रोचक प्रसंग है जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के ज्योतिषी का प्रभाव चुनाव आयोग के महत्वपूर्ण निर्णयों में देखा गया था। उस समय देश की चुनाव प्रक्रिया शासन और सत्ता के गहरे संबंधों को दर्शाती थी, जो आधुनिक लोकतांत्रिक मानदंडों से काफी अलग थी।

यह किस्सा चुनाव आयोग और केंद्रीय सत्ता के बीच के संबंधों का एक दिलचस्प उदाहरण प्रस्तुत करता है। ज्योतिषीय परामर्श के आधार पर महत्वपूर्ण निर्णय लेना उस दौर की राजनीतिक संस्कृति को रेखांकित करता है, जहां व्यक्तिगत प्रभाव और विश्वास प्रणालीगत स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण थे।

आज चुनाव आयोग को विभिन्न आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, किंतु यह अतीत का संदर्भ दर्शाता है कि संस्था की स्वायत्तता और निष्पक्षता के मुद्दे कितने महत्वपूर्ण हैं। भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का एक संकेत यह है कि चुनाव प्रक्रिया अब वैज्ञानिक, कानूनी और संवैधानिक आधार पर संचालित होती है।