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भारतीय बैंकों और एनबीएफसी के लिए थोक वित्तपोषण महत्वपूर्ण: फिच

फिच रेटिंग्स की विश्लेषक एलेन कोह के अनुसार, जैसे-जैसे ऋण मांग जमा वृद्धि को पीछे छोड़ देती है, बैंकों और एनबीएफसी को थोक तथा अपतटीय वित्तपोषण पर निर्भर रहना होगा।

LSN India · 26 October 2026

भारतीय बैंकों और एनबीएफसी के लिए थोक वित्तपोषण महत्वपूर्ण: फिच

भारतीय बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में थोक वित्तपोषण की भूमिका को लेकर बिजनेस स्टैंडर्ड के बीएफएसआई इनसाइट सम्मेलन में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। फिच रेटिंग्स की विश्लेषक एलेन कोह ने कहा कि आने वाले समय में घरेलू और अपतटीय थोक वित्तपोषण भारतीय बैंकों एवं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्त स्रोत बने रहेंगे।

कोह के अनुसार, देश में ऋण की मांग जमा राशि की वृद्धि से अधिक तेजी से बढ़ रही है। इस असंतुलन के कारण वित्तीय संस्थानों को अपनी तरलता की जरूरतें पूरी करने के लिए वैकल्पिक वित्तपोषण चैनलों की ओर रुख करना पड़ रहा है।

थोक बाजार से जुटाई गई धनराशि बैंकों और एनबीएफसी को उधार देने की गतिविधियों का विस्तार करने में सक्षम बनाती है। विशेष रूप से, अपतटीय वित्तपोषण स्रोत विदेशी मुद्रा में उपलब्ध पूंजी तक पहुंच प्रदान करते हैं।

भारतीय वित्तीय क्षेत्र की वृद्धि के बीच, विश्लेषकों का मानना है कि थोक और अपतटीय वित्तपोषण में विविधता लाना निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनता जा रहा है। यह दृष्टिकोण बैंकों और एनबीएफसी की दीर्घकालिक स्थिरता और विकास को सुनिश्चित करने में भूमिका निभा सकता है।