LSN News › India

Business · India Bureau

खाद्य और ईंधन महंगाई से सितंबर में थोक मुद्रास्फीति रिकॉर्ड 11.39% पर

खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण सितंबर माह में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति रिकॉर्ड स्तर 11.39 प्रतिशत पर पहुंच गई है। ईंधन और विद्युत खंड में मुद्रास्फीति दर पिछले महीने के 22.93 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 25.85 प्रतिशत हो गई।

LSN India · 14 October 2026

सितंबर माह में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। खाद्य पदार्थों और ईंधन की लागत में तेजी के चलते यह मुद्रास्फीति दर सर्वकालिक उच्च स्तर 11.39 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

ईंधन और विद्युत क्षेत्र में मुद्रास्फीति की स्थिति और भी गंभीर है। इस खंड में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पिछले माह के 22.93 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 25.85 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो महीने-दर-महीने लगभग 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

ऊर्जा बाजार में आपूर्ति संबंधी चुनौतियों और वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव से लेकर घरेलू कृषि उत्पादन में समस्याओं तक, कई कारक इस व्यापक मुद्रास्फीति में योगदान दे रहे हैं। थोक स्तर पर मुद्रास्फीति में यह वृद्धि आर्थिक नीति निर्धारकों के लिए महत्वपूर्ण चिंता का विषय बनी हुई है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईंधन और खाद्य कीमतों में इसी तरह का दबाव बना रहे तो आने वाले महीनों में थोक मुद्रास्फीति की दर में और अधिक वृद्धि हो सकती है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ने की संभावना है।