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निधिवन: रात्रि में प्रवेश निषेध, जानिए धार्मिक परंपरा के पीछे का कारण

वृंदावन के प्रसिद्ध निधिवन में रात होते ही दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। इस परंपरा के पीछे श्रीकृष्ण की रासलीला और स्थानीय धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।

LSN India · 25 October 2026

निधिवन: रात्रि में प्रवेश निषेध, जानिए धार्मिक परंपरा के पीछे का कारण

वृंदावन में स्थित निधिवन मंदिर परिसर की रात्रिकालीन प्रवेश प्रतिबंध की परंपरा सदियों से चली आ रही है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के साथ रासलीला का आयोजन किया करते थे। इसी कारण भक्त समुदाय का विश्वास है कि रात के समय यहां दिव्य लीलाएं संपन्न होती हैं।

निधिवन परिसर में सघन झाड़ियों और पेड़ों का एक विशाल समूह है, जिसे प्राचीन माना जाता है। स्थानीय परंपरा के अनुसार, ये वनस्पतियां स्वयं को गोपियों के रूप में परिवर्तित कर लेती हैं। इसी विश्वास के आधार पर रात्रि में यहां किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाती।

बांके बिहारी मंदिर, जो निधिवन के मध्य में स्थित है, इस धार्मिक परंपरा का केंद्र माना जाता है। मंदिर के पुजारी और व्यवस्थापक प्रत्येक शाम को परिसर को बंद कर देते हैं। कहा जाता है कि रात्रि में केवल पुजारी ही मंदिर के भीतर देवता की सेवा के लिए रहते हैं।

इस रहस्यमयी परंपरा ने निधिवन को भारत के सबसे रहस्यमय धार्मिक स्थलों में से एक बना दिया है। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के बीच इस स्थान की कहानियां प्रचलित हैं। हालांकि आधुनिक युग में इन मान्यताओं को लेकर विभिन्न विचार हैं, किंतु स्थानीय संस्कृति और परंपरा के रक्षण के लिए यह प्रथा आज भी कायम है।