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अमीर घरों में खाली जगह, मध्यम वर्ग के यहां भरमार क्यों?

भारतीय समाज में आय वर्गों के बीच घरों की सजावट और सामग्रियों के संग्रह में स्पष्ट अंतर दिखता है। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसका संबंध आर्थिक सुरक्षा की मानसिकता से जुड़ा हो सकता है।

LSN India · 17 October 2026

अमीर घरों में खाली जगह, मध्यम वर्ग के यहां भरमार क्यों?

भारतीय शहरों में एक दिलचस्प सामाजिक परिघटना देखी जा रही है - संपन्न परिवारों के आवास न्यूनतमवादी डिजाइन के साथ अधिकांशत: खुली जगह प्रदर्शित करते हैं, जबकि मध्यम वर्गीय घरों में सामान और वस्तुओं की प्रचुरता रहती है। यह अंतर केवल सौंदर्यबोधात्मक पसंद तक सीमित नहीं प्रतीत होता।

मनोविज्ञानियों के अनुसार, इस प्रवृत्ति का गहरा संबंध आर्थिक सुरक्षा की भावना से जुड़ा है। उच्च आय वाले परिवार अपनी क्रय क्षमता और वित्तीय स्थिरता के प्रति आश्वस्त होते हैं, जिससे वे सचेतन रूप से न्यूनतम खरीदारी करते हैं। इसके विपरीत, मध्यम वर्गीय परिवार भविष्य की अनिश्चितता के सामने सामग्री संचय की प्रवृत्ति दिखाते हैं।

'प्रचुरता की मानसिकता' या 'अबुंडेंस माइंडसेट' इस घटना की व्याख्या का महत्वपूर्ण पहलू है। आर्थिक रूप से सुरक्षित परिवार आवश्यकता से अधिक संचय की आवश्यकता महसूस नहीं करते, जबकि मध्यम वर्ग आजीविका की अनिश्चितता में अधिकतम संसाधन जमा करना पसंद करता है।

यह सामाजिक अंतर भारतीय मध्यम वर्ग की ऐतिहासिक परिस्थितियों और आर्थिक असुरक्षा की गहरी जड़ों को प्रतिबिंबित करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जैसे-जैसे सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होता है, परिवार अपनी खरीद प्रवृत्ति में भी परिवर्तन लाते हैं।