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शून्य कैलोरी मिठास जाइलिटॉल से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है
यूरोपीय कार्डियोलॉजी सम्मेलन में प्रस्तुत नए शोध से पता चलता है कि रक्त में जाइलिटॉल के उच्च स्तर से हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। यह अध्ययन आम आबादी में इस कृत्रिम मिठास के सेवन और हृदयाघात तथा स्ट्रोक के बीच संबंध खोजता है।
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मधुमेह और मोटापा नियंत्रण के लिए व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली जाइलिटॉल को लेकर चिकित्सा समुदाय में नई चिंता उत्पन्न हुई है। यूरोपीय कार्डियोलॉजी सम्मेलन 2026 में प्रस्तुत किए गए शोध के अनुसार, इस कृत्रिम मिठास का सेवन हृदय संबंधी गंभीर घटनाओं से जुड़ा हो सकता है।
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सामान्य जनता में रक्त में जाइलिटॉल के स्तर को हृदयाघात और स्ट्रोक जैसी घटनाओं से संबंधित किया है। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों के रक्त में इस पदार्थ की मात्रा अधिक थी, उन्हें हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा ज्यादा था। यह खोज विश्व स्वास्थ्य संगठन और खाद्य नियामक संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
जाइलिटॉल चीनी के विकल्प के रूप में कई देशों में अनुमोदित है और खासकर मधुमेह रोगियों के लिए अनुशंसित किया जाता है। यह पदार्थ चीविंग गम, कैंडी, दांतों की देखभाल के उत्पादों और कृत्रिम मिठास में मिलाया जाता है। भारत में भी इसका उपयोग बढ़ता जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस शोध को गंभीरता से लेना चाहिए और आगे की पड़ताल की आवश्यकता है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि जाइलिटॉल कैसे हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बनता है, लेकिन इसके सेवन से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।