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मानव आवाज से डरते हैं हिरण, लेकिन जल्दी आदी हो जाते हैं
शोध में पाया गया कि तेज मानवीय आवाजें और रोशनी हिरणों को फसलों से दूर रखने में प्रभावी हैं, लेकिन छह हफ्तों में ये जानवर इन चेतावनियों के आदी हो जाते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि विभिन्न प्रकार के उपायों को मिलाकर इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
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हाल के शोध में पता चला है कि हिरण और बड़े जंगली जानवर तेज मानवीय आवाजों और तीव्र रोशनी से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। ये वर्तक उपाय कृषि क्षेत्रों में वन्यजीवों को खासकर फसलों से दूर रखने में असरदार साबित हुए हैं।
हालांकि, शोधकर्ताओं की चेतावनी है कि इन जानवरों में अनुकूलन की क्षमता बेहद तीव्र है। अध्ययन के अनुसार, महज छह सप्ताह की अवधि में हिरण इन निरोधक उपायों के आदी हो जाते हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां मानवीय गतिविधियां अधिक होती हैं। इसके विपरीत, शिकारी जानवरों की आवाजें या कुत्तों की भौंकना इन जानवरों को भगाने में उतनी प्रभावी नहीं रहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए विविध प्रकार के उपायों को एक साथ अपनाना चाहिए और समय-समय पर नई चेतावनियां जोड़नी चाहिए। शोधकर्ताओं का सुझाव है कि निरोधक उपायों के साथ नकारात्मक परिणामों को भी जोड़ना चाहिए ताकि जानवर इन संकेतों को गंभीरता से लें।
यह शोध कृषि क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण और किसानों की फसल सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।