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सर्दियों में कचरा जलाने से प्रदूषण गर्मी के दौरान से तीन गुना अधिक

विश्व संसाधन संस्थान की नई स्टडी में सामने आया कि शहरों में सर्दियों के दौरान कचरे को जलाने से होने वाला प्रदूषण गर्मी के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है। कमजोर हवाएं और तापमान व्युत्क्रमण के कारण प्रदूषकों का प्रसार रुक जाता है।

LSN India · 10 September 2026

सर्दियों में कचरा जलाने से प्रदूषण गर्मी के दौरान से तीन गुना अधिक

विश्व संसाधन संस्थान भारत द्वारा किए गए अध्ययन में यह महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है कि सर्दियों के दौरान शहरों में कचरा जलाने से होने वाला प्रदूषण गर्मी के मौसम में होने वाले प्रदूषण से तीन गुना ज्यादा है। यह अंतर मौसमी और वायुमंडलीय परिस्थितियों में आने वाले बदलावों के कारण है।

सर्दियों के मौसम में कमजोर हवाएं चलती हैं और वायु स्तर अधिक स्थिर रहता है। इसके अलावा, तापमान व्युत्क्रमण की घटना होती है, जिसके कारण प्रदूषकों का वायु में प्रसार बाधित होता है। ये सभी कारक प्रदूषकों को जमीन के पास ही केंद्रित रखते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट होती है।

अध्ययन के अनुसार, सर्दियों में कचरे को जलाना केवल मौसमी अपशिष्ट प्रबंधन तक सीमित नहीं है। इस दौरान लोग गर्मी के लिए भी कचरे का दहन करते हैं, जिससे कचरा जलाने की मात्रा में भी वृद्धि होती है। यह प्रथा और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों का संयोजन शहरों में सर्दी के दौरान प्रदूषण को गंभीर समस्या बनाता है।

इस अध्ययन के निष्कर्ष शहरों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए मौसम-विशिष्ट नीतियों की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों के दौरान कचरा प्रबंधन और ईंधन के विकल्प में सुधार लाने से शहरों की वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है।