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लखनऊ के KGMU में 15 साल के बाद 38 वर्षीय महिला को IVF से बेटी

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोविड-19 के बाद पहली IVF सफलता दर्ज की गई है। 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद एक 38 वर्षीय महिला को बेटी का आशीर्वाद मिला।

LSN India · 24 September 2026

लखनऊ के KGMU में 15 साल के बाद 38 वर्षीय महिला को IVF से बेटी

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में महिला बांझपन के इलाज में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। विश्वविद्यालय के प्रजनन चिकित्सा विभाग ने पोस्ट-कोविड काल में अपनी पहली सफल IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) डिलीवरी दर्ज की है।

शादी के डेढ़ दशक बाद 38 वर्षीय महिला को KGMU के विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में एक स्वस्थ बेटी का जन्म हुआ। वर्तमान समय में उम्रदराज महिलाओं के लिए प्रजनन क्षमता प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती माना जाता है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने इसे संभव बना दिया है।

इस सफल प्रकरण की विशेषता यह है कि संपूर्ण IVF उपचार और प्रसव प्रक्रिया मात्र 80,000 रुपये में पूरी की गई। यह राशि देश भर में IVF उपचार की तुलना में काफी किफायती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी ऐसा इलाज संभव हो गया है।

KGMU के चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता न केवल दंपती के जीवन में खुशियां लाई है, बल्कि उन अन्य निःसंतान दंपतियों के लिए भी आशा की किरण है जो बांझपन से जूझ रहे हैं। विश्वविद्यालय के प्रजनन चिकित्सा केंद्र में दक्षता और आधुनिक सुविधाएं दोनों उपलब्ध हैं।