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महिला बिना बलात्कार किए भी हो सकती है आरोपी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि एक महिला को सामूहिक बलात्कार का आरोपी ठहराया जा सकता है, भले ही उसने व्यक्तिगत रूप से बलात्कार का कार्य न किया हो।

LSN India · 15 October 2026

महिला बिना बलात्कार किए भी हो सकती है आरोपी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कानूनी निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि सामूहिक बलात्कार के मामलों में महिलाओं को भी आरोपी बनाया जा सकता है। न्यायालय के अनुसार, किसी महिला को इस गंभीर अपराध के लिए दोषी ठहराने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि उसने स्वयं बलात्कार का कार्य किया हो।

यह निर्णय कानून की व्यापक व्याख्या करते हुए आया है। न्यायालय ने माना है कि सामूहिक बलात्कार के अपराध में कोई व्यक्ति विभिन्न तरीकों से सहायक या सहभागी बन सकता है, जैसे किसी अन्य को अपराध करने के लिए प्रोत्साहित करना, सहायता प्रदान करना, या किसी अन्य प्रकार से अपराध में भागीदारी करना।

यह निर्णय आपराधिक कानून की परिभाषा को व्यापक बनाता है और यह स्पष्ट करता है कि अपराध में शारीरिक रूप से भाग न लेने वाले व्यक्ति भी कानूनी दृष्टि से दायित्वशील हो सकते हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के इस निर्णय का अर्थ है कि भारतीय दंड संहिता के तहत सामूहिक बलात्कार के मामलों में महिलाओं की भूमिका की जांच करते समय न्यायालय किसी भी प्रकार की सहभागिता या सहायता को ध्यान में रखेगा।

इस निर्णय से बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों की जांच और मुकदमे की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण परिवर्तन आ सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न्याय व्यवस्था को अधिक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है और सभी संभावित अपराधियों को कानून के दायरे में लाता है।