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नवरात्र में छाती पर कलश रखने वाली महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

नवरात्र के नौ दिन छाती पर कलश स्थापित करके देवी की आराधना करने वाली एक 35 वर्षीय महिला की मौत हुई है। त्योहार समाप्त होने के अगले दिन ही उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई।

LSN India · 21 October 2026

नवरात्र में छाती पर कलश रखने वाली महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

नवरात्र के दौरान एक असामान्य आध्यात्मिक प्रथा का पालन करते हुए एक महिला की अचानक मौत की घटना सामने आई है। 35 वर्षीय यह महिला शारदीय नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक अपनी छाती पर मिट्टी का कलश रखकर देवी की पूजा-अर्चना करती रही थी। यह कलश जवारे के पौधे के साथ देवी का प्रतीक माना जाता है और परंपरागत रूप से इसे जमीन पर रखा जाता है।

नवरात्र का पर्व संपन्न होने के तुरंत अगले दिन ही महिला की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार मृत्यु की परिस्थितियां संदिग्ध बताई जा रही हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिल रहा है कि लंबे समय तक छाती पर वजन रखने से शारीरिक दबाव बढ़ गया हो सकता है।

यह घटना पारंपरिक धार्मिक प्रथाओं को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को फिर से उजागर करती है। धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि कलश पूजन की परंपरा सामान्यतः मिट्टी के बर्तन को जमीन पर रखकर की जाती है, न कि शरीर पर।