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येरुशलम के प्राचीन मंदिर के 2,600 साल पुराने लकड़ी के अवशेष मिले
पुरातत्वविदों को येरुशलम के प्रथम मंदिर के विनाश से जुड़ी 586 ईसा पूर्व की अवधि से संबंधित लकड़ी की बीमें मिली हैं। ये सिकामोर की लकड़ी के टुकड़े प्राचीन इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।
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येरुशलम में हुई एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज में शोधकर्ताओं को प्रथम मंदिर के विनाश से संबंधित प्राचीन लकड़ी की बीमें मिली हैं। ये अवशेष 2,600 से अधिक वर्ष पुराने हैं और 586 ईसा पूर्व की अवधि से संबंधित माने जाते हैं। खुदाई के दौरान मिली सिकामोर की ये लकड़ी की बीमें पिघले हुए प्लास्टर से ढकी थीं, जो उनके संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये लकड़ी की बीमें मंदिर के आंतरिक आंगन की छत को सहारा देती थीं। पुरातत्वविदों ने इन अवशेषों की सटीक तारीख निर्धारित करने के लिए वृक्ष वलय विश्लेषण (डेंड्रोक्रोनोलॉजी) नामक वैज्ञानिक तकनीक का उपयोग किया। इस तकनीक के माध्यम से शोधकर्ता लकड़ी के विकास के छल्लों की गिनती कर सकते हैं और उनकी सटीक आयु ज्ञात कर सकते हैं।
यह खोज येरुशलम के समृद्ध और प्राचीन इतिहास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है। ये लकड़ी की बीमें उस काल में होने वाली विनाशलीला के बारे में सीधा साक्ष्य प्रदान करती हैं जब मंदिर को नष्ट किया गया था। पुरातत्वविद इन अवशेषों का विस्तृत अध्ययन कर प्राचीन येरुशलम की संरचना, निर्माण तकनीकों और उस काल की घटनाओं के बारे में और गहरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।