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विश्व के सबसे आर्द्र क्षेत्रों को सूखे का खतरा, मेघालय में बदलते मौसम के संकेत

मेघालय के मौसिनराम और चेरापूंजी, जहां विश्व में सर्वाधिक वर्षा होती है, वहां अब सूखे की चिंताजनक प्रवृत्ति दिख रही है। तेज़ बौछारों में केंद्रित वर्षा, घटते बरसाती दिन और बढ़ते तापमान ने स्थानीय पारिस्थितिकी के लिए नई चुनौतियां खड़ी की हैं।

LSN India · 22 September 2026

विश्व के सबसे आर्द्र क्षेत्रों को सूखे का खतरा, मेघालय में बदलते मौसम के संकेत

मेघालय के दो प्रसिद्ध वर्षा क्षेत्र मौसिनराम और चेरापूंजी में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव स्पष्ट होने लगे हैं। बरसात के समय की गुणवत्ता में परिवर्तन आ रहा है, जहां वर्षा कुछ दिनों में तीव्र बौछारों के रूप में केंद्रित हो गई है, जिससे जल संचयन की प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। क्षेत्र के लोग इस बदलाव के दीर्घकालिक परिणामों को लेकर चिंतित हैं।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बरसात के मौसम की अवधि में कमी आई है। यह स्थिति जल संग्रहण और कृषि गतिविधियों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि इन इलाकों की अर्थव्यवस्था वर्षा पर अत्यधिक निर्भर है। साथ ही, औसत तापमान में वृद्धि भी दर्ज की जा रही है, जो वाष्पीकरण को बढ़ा रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि वर्षा प्रणाली में यह बदलाव वैश्विक जलवायु परिवर्तन के स्थानीय प्रभाव को दर्शाता है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में जल प्रबंधन के नए तरीके अपनाने की आवश्यकता हो सकती है, साथ ही कृषकों को अपनी प्रथाओं को अनुकूल बनाना पड़ सकता है। मेघालय सरकार के लिए इस संकट को समझना और समाधान खोजना तत्काल महत्व का विषय बन गया है।