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धनतेरस पर कुबेर पूजन से समृद्धि की कामना, जानें आरती विधि
धनतेरस के अवसर पर धन के देवता कुबेर की पूजा का पारंपरिक महत्व है। विशेषज्ञों के अनुसार सही विधि से की गई पूजा और आरती से आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होने की मान्यता है।
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भारतीय परंपरा में धनतेरस का पर्व आर्थिक सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान कुबेर, जो धन और संपत्ति के देवता हैं, की पूजा की परंपरा रही है। धनतेरस के साथ-साथ दिवाली पर भी कुबेर जी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कुबेर जी की प्रसन्नता से घर में धन, वैभव और सुख का आगमन होता है। इसी कारण से लोग इस शुभ दिन पर भगवान कुबेर की आरती करते हैं और विशेष मंत्रों का जाप करते हैं। पारंपरिक मान्यता यह भी है कि कुबेर जी की सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में आर्थिक संकट को दूर करती है।
कुबेर पूजन के दौरान भक्त दीप जलाते हैं, फूलों और अगरबत्ती से पूजा करते हैं तथा आरती का आयोजन करते हैं। विभिन्न धार्मिक मंत्रों का जाप भी इस पूजा का अभिन्न अंग है। माना जाता है कि निष्ठा और श्रद्धा के साथ की गई यह पूजा परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार लाती है।
धनतेरस पर की जाने वाली कुबेर पूजन की परंपरा हजारों वर्षों से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रही है। इस प्राचीन परंपरा को आज भी लाखों परिवार में धार्मिक आस्था के साथ निभाया जाता है।