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कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में खुद ईमेल लिखना क्यों जरूरी है: हैशेट प्रमुख
हैशेट के प्रमुख नेतृत्व का मानना है कि स्वयं संदेश तैयार करने से नेताओं को अपने विचारों को व्यवस्थित करने, विवरणों का गंभीर विश्लेषण करने और उद्देश्यपूर्ण संचार करने में मदद मिलती है।
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच, बड़ी प्रकाशन कंपनी हैशेट के शीर्ष नेतृत्व ने तर्क दिया है कि नेताओं को अपने ईमेल और संदेश स्वयं तैयार करते रहना चाहिए। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया केवल तकनीकी कार्य नहीं है, बल्कि नेतृत्व की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण अभ्यास है।
हैशेट के प्रमुख के अनुसार, अपने विचारों को ईमेल के माध्यम से व्यक्त करने की प्रक्रिया नेताओं को गहराई से सोचने के लिए बाध्य करती है। यह लेखन की कवायद नेताओं को अपने विचारों को सुव्यवस्थित रूप से संगठित करने में सहायता करती है। साथ ही, जब कोई व्यक्ति स्वयं संदेश तैयार करता है, तो वह विभिन्न विवरणों पर गंभीरता से विचार करता है।
इस दृष्टिकोण के अनुसार, आत्मनिर्भर संचार प्रक्रिया सार्थक और लक्ष्यबद्ध संवाद सुनिश्चित करती है। जब नेता अपने शब्दों को सावधानीपूर्वक चुनते हैं, तो उनके संदेश अधिक प्रभावी और स्पष्ट होते हैं। यह पद्धति कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अत्यधिक निर्भरता के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण पलटवार का प्रतिनिधित्व करती है।