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मध्य पूर्व का संघर्ष विश्व हित में नहीं: शी जिनपिंग
सात साल बाद भारत आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में कहा कि मध्य पूर्व का युद्ध विश्व के हितों की पूर्ति नहीं करता। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई औद्योगिकीकरण पर ब्रिक्स देशों के सहयोग को गहरा करने का आह्वान किया।
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भारत की यात्रा पर मौजूद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स सदस्य देशों से मध्य पूर्व में चल रहे सशस्त्र संघर्ष पर अपनी चिंता व्यक्त की है। शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह संघर्ष विश्व की सामूहिक हितों के अनुरूप नहीं है और इसका समाधान संवाद के माध्यम से खोजा जाना चाहिए।
शी जिनपिंग ने ब्रिक्स देशों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में गहन सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की तकनीकी प्रगति का मूल आधार माना और इस क्षेत्र में साझा अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित किया।
चीनी राष्ट्रपति ने नई औद्योगिकीकरण की दिशा में एक पहल का प्रस्ताव किया जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से आर्थिक विकास को तेज करेगी। इस पहल का उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य राष्ट्रों को तकनीकी उन्नयन के जरिए वैश्विक स्पर्धा में मजबूत करना है।
सात साल के अंतराल के बाद भारत की यह यात्रा चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। शी की भारत में मौजूदगी से यह संदेश जाता है कि ब्रिक्स ब्लॉक एशियाई और वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।