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धनतेरस पर यम दीपक 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

धनतेरस के दिन यम दीपक जलाने की परंपरा भगवान यम को समर्पित है। इस अनुष्ठान के माध्यम से भक्त असमय मृत्यु से रक्षा की कामना करते हैं।

LSN India · 6 November 2026

भारतीय हिंदू परंपरा में धनतेरस को दिवाली का प्रथम दिन माना जाता है। इसी दिन यम दीपक जलाने की रीति का विशेष महत्व है। यह पूजा मृत्यु के देवता भगवान यम को समर्पित की जाती है और परिवार के सदस्यों की लंबी उम्र तथा सुरक्षा के लिए की जाती है।

यम दीपक पूजन की परंपरा में घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में दीया जलाया जाता है। माना जाता है कि इस दिशा का संबंध भगवान यम से है। घर के सभी सदस्यों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए इस दीये को रात भर जलाया रहता है। इसके साथ ही भक्त भगवान यम को तिल, उड़द और चावल का भोग लगाते हैं।

आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, यम दीपक का जलना परिवार को नकारात्मक शक्तियों से बचाता है। इस पूजा का संदेश यह है कि मानव को अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए और भय से मुक्त रहना चाहिए। धनतेरस पर यह परंपरा न केवल धार्मिक मान्यताओं को दर्शाती है, बल्कि परिवार की एकता और कल्याण की भावना को भी प्रतिबिंबित करती है।