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यमुना पर साबरमती मॉडल से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है: पर्यावरणविद्

दिल्ली में यमुना नदी के किनारे साबरमती जैसी विकास परियोजना को लेकर पर्यावरणविद् और विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों नदियों के मौलिक अंतर को नजरअंदाज कर यह मॉडल लागू नहीं किया जा सकता।

LSN India · 3 November 2026

यमुना पर साबरमती मॉडल से बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है: पर्यावरणविद्

दिल्ली में यमुना नदी के किनारे साबरमती जैसी नदी-तट विकास परियोजना को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। पर्यावरणविद् और नदी विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मॉडल यमुना के लिए अनुपयुक्त साबित हो सकता है और बाढ़ के खतरे को और बढ़ा सकता है।

हरियाणा और गुजरात की साबरमती नदी को विकसित करने के लिए अपनाए गए तरीकों को यमुना पर सीधे लागू करना समीचीन नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों नदियों की भौगोलिक, जलवायु और बाढ़ संबंधी विशेषताएं बिल्कुल अलग हैं। साबरमती की तुलना में यमुना की बाढ़ की समस्या अधिक गंभीर है और इसके जलप्रवाह की प्रकृति भिन्न है।

दिल्ली में यमुना के तट पर की जाने वाली किसी भी परियोजना को नदी की वास्तविक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए ही यमुना-तट विकास की योजना बनानी चाहिए।