LSN News › India

World · India Bureau

हूती लड़ाकों की खास आदत: गालों में पत्तियां भरना क्या दर्शाता है

सऊदी अरब पर हमलों के दौरान हूती विद्रोहियों के चेहरे पर दिखाई देने वाली सूजन एक प्राचीन यमनी परंपरा को दर्शाती है। इस आदत के पीछे सांस्कृतिक और सामाजिक कारण हैं।

LSN India · 25 September 2026

हूती लड़ाकों की खास आदत: गालों में पत्तियां भरना क्या दर्शाता है

हाल के सैन्य संघर्षों में सऊदी अरब के विरुद्ध हूती विद्रोहियों के संचालन में तेजी आई है। रियाद और अन्य सऊदी ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमलों की घटनाओं को अंजाम देने वाले हूती लड़ाकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई हैं। इन तस्वीरों में कई विद्रोहियों के गाल फूले दिखाई दे रहे हैं, जो एक विशिष्ट सांस्कृतिक प्रथा का परिचय देता है।

यमन में प्रचलित इस परंपरा में हरी पत्तियां गालों के बीच भरी जाती हैं। ये पत्तियां कात नामक पौधे से संबंधित हैं, जिसका सेवन यमनी समाज में पीढ़ियों से किया जा रहा है। इस पत्ते के हल्के उत्तेजक गुण होते हैं और इसका उपयोग सामाजिक समारोहों और सांस्कृतिक अनुष्ठानों में आम बात है।

यमन की संस्कृति में कात चबाना एक सामान्य सामाजिक गतिविधि मानी जाती है। परिवारों और समुदायों में लोग एकत्र होकर इस पत्ते को साझा करते हैं। हूती लड़ाकों के चेहरों पर दिखाई देने वाली यह आदत उनकी सांस्कृतिक पहचान और यमनी विरासत का एक सहज प्रतिबिंब है।

यद्यपि कात का सेवन यमन में व्यापक है, अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन इसके स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में चिंता व्यक्त करते हैं। फिर भी, यह परंपरा यमनी जनता के दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बनी हुई है और विभिन्न समाजिक व राजनीतिक परिस्थितियों में इसका प्रचलन जारी है।