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Yes Bank ने AT-1 बांड मामले में गैर-अनुपालन के आरोपों का खंडन किया
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद Yes Bank ने Axis Trustee Services के नोटिस का जवाब देते हुए जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने के आरोपों को खारिज कर दिया है। बैंक ने कहा कि कानूनी और संचालनात्मक प्रभावों की समीक्षा एक जिम्मेदारीपूर्ण कदम था।
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Yes Bank ने सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले के बाद AT-1 बांड विवाद में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह कानूनी दायित्वों का पालन करने में पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बैंक ने Axis Trustee Services के नोटिस के जवाब में दावा किया कि उसकी समीक्षा प्रक्रिया किसी भी तरह से जानबूझकर नियमों का उल्लंघन नहीं थी।
Yes Bank के अनुसार, AT-1 बांड से संबंधित कानूनी और संचालनात्मक मुद्दों की गहन समीक्षा एक वैध और आवश्यक कदम था। बैंक का तर्क है कि अदालत के निर्णय के संदर्भ में नीतियों और कार्यप्रणालियों की पुनरावलोकन की प्रक्रिया कोई अनियमितता नहीं दर्शाती है।
यह विवाद दो साल पहले शुरू हुआ था जब Yes Bank ने AT-1 बांडधारकों के निवेश को लेकर कड़े कदम उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला इस जटिल मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
Banking Regulation Act के तहत AT-1 बांड की स्थिति और बैंक के दायित्वों को लेकर कानूनी विशेषज्ञों के बीच मतभेद रहे हैं। Yes Bank का कहना है कि वह सभी नियामक और न्यायिक दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।