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दो छात्रों ने खाद्य असुरक्षा से लड़ने के लिए स्वयंसेवी नेटवर्क बनाया
विस्कॉन्सिन के युवा नेताओं ने 'मील्स मैटर' नामक राष्ट्रीय संगठन की स्थापना की, जो भूख और खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे लोगों की मदद कर रहा है। इस पहल ने देशभर में 35 से अधिक छात्र-नेतृत्व वाले अध्याय स्थापित किए हैं।
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मिडलटन, विस्कॉन्सिन में दो युवा उद्यमियों नोआह डकेट और वायट एहर्हार्ट ने खाद्य असुरक्षा की समस्या से निपटने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की। उनके इस कार्यक्रम ने कम समय में एक व्यापक आंदोलन का रूप ले लिया, जिससे 'मील्स मैटर' नामक एक राष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन की स्थापना हुई।
यह संगठन देशभर में 35 से अधिक छात्र-नेतृत्व वाले अध्यायों का गठन कर चुका है। इन अध्यायों में हजारों युवा स्वयंसेवक भूख को समाप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। संगठन की गतिविधियों के माध्यम से अब तक 5 लाख 50 हजार डॉलर से अधिक की राशि जुटाई जा चुकी है।
डकेट और एहर्हार्ट के इस असाधारण प्रयास को स्वीकृति देते हुए, उन्हें प्रतिष्ठित 'डायना पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार युवा नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
यह कहानी इस बात को रेखांकित करती है कि कैसे युवा पीढ़ी समाज की बड़ी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। मील्स मैटर की सफलता दिखाती है कि सही दिशा, दृढ़ संकल्प और समूह की शक्ति से किसी भी समस्या का समाधान संभव है।