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मेक्सिको की युवा वैज्ञानिक कचरे को बिजली में बदल रहीं, प्रदूषित जल को शुद्ध कर रहीं

21 वर्षीय मारित्ज़ा सांचेज़ सूक्ष्मजीव ईंधन कोशिकाओं के माध्यम से प्रदूषित जल को साफ करते हुए टिकाऊ बिजली उत्पादन कर रहीं। उनकी परियोजना अक्वायाक एनर्जी स्थानीय प्रदूषण संकट से निपटने का एक अभिनव समाधान प्रस्तुत करती है।

LSN India · 10 October 2026

मेक्सिको की युवा वैज्ञानिक कचरे को बिजली में बदल रहीं, प्रदूषित जल को शुद्ध कर रहीं

मेक्सिको के क्वाउटलान्सिंगो से आने वाली 21 वर्षीय वैज्ञानिक मारित्ज़ा सांचेज़ अपनी परियोजना अक्वायाक एनर्जी के जरिए पर्यावरण संरक्षण में नई दिशा दिखा रहीं। सूक्ष्मजीव ईंधन कोशिकाओं (माइक्रोबियल फ्यूल सेल्स) की तकनीक का उपयोग करके वह एक साथ दो महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान कर रहीं - विद्युत उत्पादन और जल प्रदूषण।

उनकी तकनीक विशेष रूप से अत्यधिक प्रदूषित अटोयाक नदी को शुद्ध करने पर केंद्रित है। सूक्ष्मजीव ईंधन कोशिकाएं सूक्ष्मजीवों की जैविक क्रियाओं का उपयोग करके रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती हैं, जिससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा मिलती है बल्कि प्रदूषित जल भी साफ होता है।

सांचेज़ का लक्ष्य 2027 तक 50 कार्यात्मक ईंधन कोशिकाएं स्थापित करना है। इस परियोजना से स्थानीय समुदाय को विद्युत तक पहुंच में सुधार होगा और जल गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल विकासशील देशों में टिकाऊ ऊर्जा समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मॉडल प्रस्तुत करती है।